जोड़ो के दर्दो में प्रोलोथेरपी के आश्चर्य जनक प्रभाव देखिये


प्रॉलो थिरेपी- दर्द का सुरक्षित और कारगर इलाज़
प्रॉलो थिरेपी एक इंजेक्शन तकनीक है जिसमे संरचनात्मक रूप से कमजोर ढीले या विकृत जोड़ों के स्नायुबंधनो (लिगामेन्ट्स , केपसूल , टेंडनस ,जोड़ों की चिकनाई आदि ) का इलाज़ किया जाता है
प्रभावित जोड़ों के स्नायुबंधनो के हड्डी-ऊतक संधि स्थलो पर इंजेक्शन लगा कर स्वस्थ, मजबूत ऊतकों के विकास  वा मजबूती को उत्तेजित किया जाता है जिससे जोड़ों की स्थिरता वा
कार्य में वृद्धि होती है तथा जोड़ों वा माँस के दर्द मे आराम मिलता है


निम्न परेशानियो मे ये विधि बहुत कारगर है-
कमर दर्द , गर्दन दर्द , हाथ पेरो का दर्द , हड्डी का दर्द,सियाटिका , डिस्क की परेशानी , घुटने का दर्द , कूल्हे का दर्द , कंधे का दर्द , एढियो का दर्द , मेनिस्कल टियर,
हड्डी फ्रेक्चर के बाद का दर्द ,पुराना सिर दर्द , आँखो का दर्द , चक्कर आना , वर्टिगो ,टेम्पोरो मेंडिबल जोड़ोंका दर्द ,मिग्रेन,खेल कूद मे होने वाली चोंटे

ये थिरेपी अपने आप मे क्रांतिकारी थिरेपी है मगर हिन्दुस्तान मे इस थेरपी से इलाज करने वाले कुशल चिकित्सक बहुत कम है

बहुत से नामी खिलाड़ी जेसे  टाइगर वुड ,राफ़ेल नडाल इन विधिओ द्वारा ठीक हुए है
इस विधि से बेकार हुए जोड़ों की कार्य  करने की क्षमता मे वृद्धि होती  है
इस तकनीक की क्रियाविधि यह है की उस इंजेक्शन के लगाने से जोड़ों के स्नायुबंधनो और चिकनाई मे वृद्धि कारक तत्वो का प्रवाह होता है जिससे उस जगह मे रक्त नलीओ की मात्रा बढ़ जाती है
 यानी के रक्त का प्रवाह बढ़ जाता
 और एसी कोशिकाए वहा प्रचुर मात्रा मे पहुँच जाती है जो नये उतक को बनाने मे सहायक होती है
नया बना हुआ उतक पुराने उतक के समानांतर  होता है इसलिए उतको को प्रबल मजबूती देता है
बढ़े रक्त का प्रवाह से उस जगह मे पोषक पदार्थ भी प्रचुर मात्रा  मे  पहुँच जाते है जो मरम्मत मे लाभदायक होते
इंजेक्शन लगाने मे जिन द्रवो का उपयोग होता है
सोडियम मोनो ऑरेट,सर्पीन,फेनोल,मॅनिटोल,यूरिया ,ज़िंक सॅल्फेट,ग्लूकोस और भी बहुत सारे
इंजेक्शन का दर्द कम करने के लिए सुन्न करने की द्वा भी मिलायी (Local anesthetic agents)जाती
कुछ नयी विधिया हाल ही मे और शामिल हुई है जेसे -
स्टेम सेल थिरेपी

पी आर पी थिरेपी

न्यूरो प्रॉलो थिरेपी
ये विधिया  पारंपरिक प्रॉलो थिरेपी से महँगी है मगर ज़्यादा कारगर है
इस विधि को स्टराय्ड इंजेक्शन विधि से कतई जोड़ के ना देखे जिसका शुरू मे तो आराम मिलता मगर बाद मे बहुत गहरे दुष्प्रभाव होते

Drshashipal sadana
shashipalsadana@gmail.com
08864807912

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